परिचय:
सेब की खेती पहाड़ी इलाकों में किसानों की आमदनी का एक महत्वपूर्ण साधन है। लेकिन अच्छी उपज और बेहतर फलों की गुणवत्ता के लिए सेटिंग एक अहम प्रक्रिया है। इसमें पौधों पर फूल आने के बाद उनका फल में परिवर्तित होना शामिल होता है। इस प्रक्रिया को सुधारने के लिए PGR (प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर) का उपयोग बहुत फायदेमंद होता है।
इस लेख में हम जानेंगे कि PGR कितने प्रकार की होती हैं, और सेब की सेटिंग के लिए कौन-सी PGR सबसे उपयोगी है।
PGR क्या है?
PGR यानी Plant Growth Regulators, ये ऐसे जैविक यौगिक होते हैं जो पौधों की वृद्धि, विकास, फूलना, फल आना और पकना आदि जैविक क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।
PGR के मुख्य 5 प्रकार:
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Auxins (ऑक्सिन्स):
- भूमिका: कोशिका विस्तार, जड़ विकास और फल सेटिंग में सहायक।
- उदाहरण: NAA (Naphthalene Acetic Acid), IAA (Indole-3-Acetic Acid)
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Gibberellins (जिबरेलिन्स):
- भूमिका: कोशिका विभाजन, फूलों की संख्या में वृद्धि और लंबाई बढ़ाना।
- उदाहरण: GA3 (Gibberellic Acid)
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Cytokinins (साइटोकाइनिन्स):
- भूमिका: कोशिका विभाजन, कलियों का विकास, और फूलों की वृद्धि।
- उदाहरण: Kinetin, Zeatin
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Ethylene (एथिलीन):
- भूमिका: पकने की प्रक्रिया, पत्ती गिरना, फूल झड़ना।
- नियंत्रित उपयोग जरूरी है।
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Abscisic Acid (ABA):
- भूमिका: पत्तियों की गिरावट, तनाव सहनशीलता, अंकुरण रोकना।
- सेब की सेटिंग में उपयोगी नहीं।
सेब की सेटिंग के लिए कौन-सी PGR सबसे असरदार है?
1. NAA (Naphthalene Acetic Acid):
- यह ऑक्सिन वर्ग की PGR है।
- फूल गिरने से रोकती है और फलों के विकास को प्रोत्साहित करती है।
- डोज़: 10-20 ppm की दर से फूल आने के तुरंत बाद छिड़काव करें।
2. GA3 (Gibberellic Acid):
- यह जिबरेलिन्स वर्ग की PGR है।
- फूलों की संख्या और उनकी गुणवत्ता में सुधार करता है।
- डोज़: 40-60 ppm की दर से बड ब्रेकिंग और फूल बनने के समय छिड़काव करें।
3. CPPU (Forchlorfenuron):
- यह Cytokinin प्रकार की सिंथेटिक PGR है।
- फल का आकार बढ़ाने और सेटिंग सुधारने में मददगार।
- डोज़: 5-10 ppm, फूल गिरने के तुरंत बाद।
सेब की सेटिंग के लिए Best Combination Spray Schedule:
विशेष सुझाव:
- सही समय पर छिड़काव करें – अधिक गर्मी या वर्षा में न करें।
- स्टिकर का प्रयोग करें ताकि दवा पत्तों पर चिपकी रहे।
- छिड़काव सुबह या शाम को करें, जब धूप तीव्र न हो।
- बायो-PGR का भी प्रयोग किया जा सकता है अगर आप जैविक खेती करना चाहते हैं।
निष्कर्ष:
सेब की बेहतर फल सेटिंग के लिए PGR का उपयोग एक स्मार्ट और वैज्ञानिक तरीका है। NAA, GA3 और CPPU जैसी ग्रोथ रेगुलेटर्स का सही मात्रा और समय पर छिड़काव करने से फूलों का फल में बदलना अधिक सफल होता है। यह न केवल उत्पादन बढ़ाता है, बल्कि फलों की गुणवत्ता में भी जबरदस्त सुधार लाता है।
Reviewed by Healthotto
on
अप्रैल 13, 2025
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